1
1
BSP: बसपा ने 2027 का चुनाव अकेले लडऩे का फिर ऐलान किया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि जब-जब गठबंधन में चुनाव बसपा लड़ी है तब-तब तक कोई खास फायदा नहीं हुआ है। उन्होंने 1993 में सपा और 1996 में कांग्रेस से गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। दोनों चुनाव में बसपा को मात्र 67-67 सीटें मिली थी। कोई खास लाभ नहीं मिला। 2002 में अकेले लड़े 100 सीटें जीते और 2007 में अकेले लड़े तो यूपी में 206 सीटें जीत कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। 2027 में यूपी में सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत लगा दूंगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और बहुजन समाज को सम्बोधित करते हुए कहा कि 2007 की तरह आप लोग अपने बूथ को मजबूत करें। सर्वसमाज और बहुजन समाज के साथ बैठक करें। आपसी समन्वय बनाएं। विरोधी पार्टियों द्वारा बसपा के खिलाफ फैलाए गए किस्म-किस्म के हथकंडों से सावधान रहें।

बसपा सुप्रीमो सुश्री मायावती ने 14 वर्ष बाद फिर से कांशीराम स्मारक में अपार जनसैलाब को सम्बोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में बहुजन समाज के महापुरूषों के बने स्मारकों के मेनटेंस के लिए टिकट का प्रावधान किया था। सपा सरकार ने बहुजन समाज के स्मारकों की उपेक्षा की। जिसकी से काफी बदहाल हो गए थे। भाजपा सरकार को पत्र लिखा और बजट को स्मारकों की पुन्रोधिकरण का अनुरोध किया। उनके अनुरोध पर भाजपा सरकार ने स्मारकों का कार्य करवाया। जिसके लिए वे भाजपा का आभार व्यक्त करती हैं। उन्होंने कहा कि जब सपा सत्ता में होती है तो उनको पीडीए की याद नहीं आती है। सत्ता में रहते हुए मान्यवर कांशीराम के नाम पर बने जिले और विश्वविद्यालय का नाम बदलती है। सत्ता के बाहर होने के बाद पीडीए और मान्यवर कांशीराम याद आते हैं। यह सपा का दोगलापन नहीं तो और क्या है। ऐसे दोगले लोगों से बहुजन समाज को सावधान रहना चाहिए।
यह भी पढ़े: BSP: वोट लूट रोकने में मायावती गईं थी जेल!
आजाद समाज पार्टी का नाम लिए बगैर सांसद चंद्रशेखर आजाद पर निशान साधते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी को कमजोर और नुकसान पहुंचाने के लिए विरोधी पार्टियां स्वार्थी और बिकाऊ पार्टी व संगठन से सांठगांठ कर दलितों का वोट बंटवाने का प्रयास करते हैं। इनको अपना एक भी वोट देकर खराब नहीं करना है। बसपा को ही देना है। जिससे यूपी में 5वीं बार बसपा की सरकार बन सके।
ये भीड़ मजदूरी और दिहाड़ी पर नहीं लाई गई…
कांशीराम स्मारक में उमड़े जनसैलाब के जोश और उत्साह को देखते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि भीड़ के मामले में बसपा ने अपना पिछला इतिहास तोड़ा है। ये भीड़ मजदूरी और दिहाड़ी पर नहीं लाई गई है। यूपी में बसपा की सरकार बनाएं। रोजी-रोटी के लिए आप लोगों को पलायन नहीं करना पड़ेगा। बीजेपी और सपा सरकार में पूंजीपतियों के लिए बने नियम-कानूनों की समीक्षा होगी। जनहित के विरूद्घ किए गए फैसलों को बदला जाएगा।

भाजपा पर अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान बदल कर पुरानी व्यवस्था (मनुवादी व्यवस्था) को लागू करना चाहती है। इसको लेकर साधु और सन्यासी भी गाहे-बगाहे सुर बुलंद करते रहते हैं। मेरे रहते यह नहीं होने दूंगी। बसपा के रहते ही संविधान सुरक्षित है।
बसपा के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद की तारीफ करते हुए कहा कि उनके मार्ग दर्शन में बसपा के लिए काम कर रहे हैं। जिस तरह से बहुजन समाज पार्टी ने मान्यवर कांशीराम जी का साथ दिया। मेरा साथ दिया। ठीक उसी तरह से आप लोग आकाश आनंद का साथ दीजिए। अपने भाई आनंद की भी तारीफ करे हुए कहा कि पार्टी हित में पूरा लेखा-जोखा संभाल रहे हैं।
बसपा के चाणक्य और महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को फिर से ब्राह्मïण समाज को जोडऩे की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के एक मात्र विधायक उमाशंकर सिंह को क्षत्रिय समाज को जोडऩे की जिम्मेदारी मिली है। पिछड़ा वर्ग को जोडऩे की जिम्मेदारी बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल को मिली है।