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Lucknow Development: लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शहरी विकास और सौंदर्यीकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी मिल गई है। ऐशबाग में शानदार ‘मोती पार्क’ के निर्माण से लेकर हजरतगंज के कायाकल्प और भीखमपुर में हरियाली बढ़ाने तक, शहरवासियों को जल्द ही एक नया और बेहतर लखनऊ देखने को मिलेगा।
लखनऊ के ऐशबाग स्थित 11 हेक्टेयर में फैली ऐतिहासिक मोती झील के समीप ₹7 करोड़ की लागत से एक भव्य ‘मोती पार्क’ का निर्माण किया जाएगा। इस पार्क में आधुनिक कियोस्क, सुंदर वॉक-वे और पर्याप्त पार्किंग की सुविधा होगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, सीवेज के पानी को ‘कंस्ट्रक्टेड वेटलैंड’ में उपचारित करने के बाद ही यमुना और मोती झील में छोड़ा जाएगा। मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी मिली।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि यमुना झील और मोती झील के आसपास से अवैध कब्जे हटाकर फेंसिंग का कार्य जारी है। यमुना झील के पास अटल पार्क के सफल निर्माण के बाद, मोती झील के पास मोती पार्क का प्रस्ताव आया है। यहां भी वेटलैंड बनाने का प्रावधान है, जिससे सीवेज के पानी को शुद्ध कर झील में छोड़ा जा सके। ऐशबाग रोड से पार्क तक पहुंचने के लिए नया रास्ता भी बनाया जाएगा।
मंडलायुक्त ने भीखमपुर में कब्जामुक्त करवाई गई जमीन पर ‘सौमित्र वन’ की तर्ज पर सघन पौधरोपण के निर्देश दिए हैं। इस कार्य की जिम्मेदारी एलडीए को सौंपी गई है, जिसमें वन विभाग पूरा सहयोग करेगा। यह पहल शहर को और हरा-भरा बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
चौक क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए चरक चौराहा को रीडिजाइन किया जाएगा। मंडलायुक्त ने बताया कि चरक चौराहे पर रोटरी बीच में न होने के कारण यातायात बाधित होता है। अब रोटरी को बीच में स्थानांतरित कर सड़क को चौड़ा किया जाएगा। इसी तरह, नींबू पार्क से चरक चौराहे तक की सड़क भी चौड़ी की जाएगी। इसके लिए नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कंसल्टेंट एजेंसी के साथ मिलकर संयुक्त सर्वे करेंगे।
लखनऊ के प्रतिष्ठित हजरतगंज बाजार का रंग-रूप अब अंतिम चरण में है। ‘फसाड कंट्रोल गाइडलाइन’ के तहत भवनों, साइनेज, स्ट्रीट लाइट, फर्नीचर और बोलार्ड के रंग व डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया गया है। हजरतगंज व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मंडलायुक्त ने परियोजना की रूपरेखा तय की। बैठक में व्यापारियों द्वारा बताई गई सीवर और पानी के कनेक्शन की समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम और जलकल के अफसरों को निर्देश दिए गए। लेसा को भी पैनल और अंडरग्राउंड केबल लाइन दुरुस्त करने को कहा गया है, जिससे हजरतगंज को एक नया और आधुनिक स्वरूप मिल सके।
यह सभी परियोजनाएं लखनऊ के सतत विकास और नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगी।
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