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E-Rickshaw: लखनऊ की सड़कों पर जाम की समस्या को कम करने के लिए, एक अभिनव समाधान लागू किया गया है – ई-रिक्शा का जोनवार कलर कोडिंग! यह पहल न सिर्फ यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगी बल्कि प्रदूषण कम करने में भी सहायक होगी.
कैसे काम करता है जोनवार कलर कोडिंग सिस्टम?
लखनऊ शहर को चार प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया गया है:
प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग रंग निर्धारित हैं. ई-रिक्शा चालकों को उनके परिचालन क्षेत्र के अनुसार रंगीन परमिट जारी किए जाएंगे. इसका मतलब है कि एक खास रंग का ई-रिक्शा उसी रंग वाले निर्धारित क्षेत्र में ही चल पाएगा. उदाहरण के लिए, हरे रंग का ई-रिक्शा केवल उत्तरी क्षेत्र में ही सवारियों को बिठा-उतार सकेगा.
जोनवार कलर कोडिंग के लाभ:
क्या योजना सफल है?
जी हाँ, लखनऊ में लागू किया गया जोनवार कलर कोडिंग काफी सफल साबित हो रहा है. इस पहल को देखते हुए अन्य शहरों में भी इसे लागू करने पर विचार किया जा रहा है.
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