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E-Sanjeevani app : मोहनलालगंज। सामान्य बीमारियों का इलाज लोगों को अब घर बैठे मिलने लगा है। मोहनलालगंज में टेलीमेडिसिन के जरिए लोगों को चुटकियों में डाक्टर की सलाह और दवाएं दी जा रही हैं। दो दर्जन से अधिक स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर तैनात किए गए सीएचओ लोगों को बखूबी यह सुविधा मुहैया करा रहे हैं। आने वाले वक्त में सभी उपकेन्द्रों पर लोगों को इलाज की सुविधा देने की तैयारी है।
मोहनलालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अन्तर्गत कुल 42 स्वास्थ्य उपकेन्द्रों में से 27 उपकेन्द्रों पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की तैनाती की गई है। लोगों को घर बैठे इलाज की सुविधा देने के लिए ई संजीवनी एप के जरिए यह सीएचओ स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर सामान्य ओपीडी का संचालन कर रहे हैं। जिससे सर्दी ,जुकाम ,खांसी ,बुखार , उल्टी और दस्त समेत अन्य सामान्य बीमारियों का इलाज उपकेन्द्रों पर ही लोगों को दिया जाने लगा है। खास बात यह है कि इलाज के लिए जरुरी ब्लड प्रेशर , सुगर की जांच के लिए डिजिटल मशीनें और दवाइयां भी स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर उपलब्ध करा दी गई हैं।
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जिससे गांव के लोगों को काफी राहत मिलेगी। यही नहीं जिन मरीजों को भर्ती करने की जरुरत महसूस होगी उनका रेफर बनाकर स्वास्थ्य उपकेन्द्रों से ही एम्बुलेन्स के जरिए नजदीकी पीएचसी और सीएचसी भेज दिया जाएगा। बैरीशालपुर , गनेश खेड़ा और जबरौली में इसका बेहतर रिस्पांस भी मिल रहा है। प्रतिमाह इन उपकेन्द्रों की ओपीडी में मरीजों की तादात 450 तक पहुंच गई है। जबकि अन्य उपकेन्द्रों पर भी ई संजीवनी एप के जरिए ओपीडी को प्रभावी तरीके से संचालित करने पर फोकस किया जा रहा है। सीएचसी अधीक्षिका डाॅ0 ज्योति कामले ने बताया ई संजीवनी एप के जरिए सभी सीएचओ स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर लोगों को इलाज की सुविधा देने लगे हैं। सामान्य बीमारियों के लिए दवाएं भी सीएचसी से उपकेन्द्रों पर भेजी जा रही हैं। उपकेन्द्रों पर इस सुविधा को लगातार बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।

मोहनलालगंज के स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर तैनात किए गए सीएचओ को लैपटाप और प्रिण्टर दिए गए हैं। जिनकी मदद से मरीज के उपकेन्द्र पर पहुंचते ही उसका ब्योरा और परेशानी E-Sanjeevani app के आनलाइन फार्मेट पर दर्ज किया जाता है। फिर पीएचसी ,सीएचसी, बलरामपुर अस्पताल ,केजीएमसी और एसजीपीजीआई के डाक्टरों के पैनल में से विशेषज्ञ से आनलाइन कनेक्ट होकर मरीज को स्वास्थ्य सलाह और दवाएं दी जाती हैं। इस दौरान जिन मरीजों को भर्ती की जरुरत होती है उन्हें सीएचसी भेज दिया जाता है। उपकेन्द्रों की ओपीडी से मिल रहे रिस्पांस को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार इसे पुख्ता बनाने पर जोर दे रहे हैं।
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स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर निकट भविष्य में लोगों को खून व पेशाब की सामान्य जांच और गर्भवती महिलाओं को प्रसव की सुविधाएं देने की तैयारी है। जिसके लिए उपकेन्द्रों पर अतिरिक्त कक्ष का निर्माण भी कराया गया है। सीएचओ ने इसके लिए प्रशिक्षण भी ले रखा है। विभाग से खून और पेशाब की सामान्य जांच के लिए डिजिटल मशीनें मुहैया कराई जा रही हैं । जिनकी मदद से उपकेन्द्र की ओपीडी में मरीजों की सामान्य जांच कर नतीजे ई संजीवनी एप पर दर्ज किए जाएंगे ताकि उन्हें बेहतर इलाज मुहैया हो सके।
स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर तैनात सीएचओ सप्ताह में एक दिन योगासन का सत्र आयोजित कर लोगों को सेहतमंद बनने का रास्ता सुझाएंगे। इसके अतिरिक्त डेंगू और मलेरिया जांच किट से फौरन बीमारियों की पहचान कर लोगों को इनसे छुटकारा दिलाने के लिए इलाज शुरु कर दिया जाएगा।
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